Introduction: Saturn Transit 2025
शनि (Saturn) वैदिक ज्योतिष का एक ऐसा ग्रह है जो कर्म, न्याय, अनुशासन और समय का प्रतीक माना जाता है। जब शनि एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो इसे शनि गोचर (Saturn Transit) कहा जाता है। यह गोचर हर ढाई साल में होता है और इसका प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ता है – जैसे कि कैरियर, स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, धन, और आध्यात्मिक प्रगति।
वर्ष 2025 में शनि 29 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेगा। इससे पहले शनि कुंभ राशि में था। यह गोचर विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कुछ राशियों पर साढ़े साती और ढैय्या की शुरुआत और अंत का समय भी है।
Saturn Transit 2025 Date: शनि गोचर 2025 की तिथि

- 29 मार्च 2025 – शनि का मीन राशि में प्रवेश
- 12 जुलाई 2025 – शनि वक्री (Retrograde) होगा
- 15 नवम्बर 2025 – शनि मार्गी (Direct) होगा
यह गोचर तीन वर्षों तक प्रभावशाली रहेगा, और यह सभी राशियों के लिए जीवन के किसी न किसी क्षेत्र में परीक्षा और प्रगति दोनों का कारण बनेगा।
Why Saturn Transit Matters: शनि गोचर क्यों महत्वपूर्ण होता है?
शनि को “न्यायाधीश ग्रह” कहा जाता है। यह ग्रह कर्मों के अनुसार फल देता है। अगर आपने मेहनत की है और अपने कर्तव्यों का पालन किया है, तो शनि आपको स्थायी सफलता और सम्मान देता है। वहीं, आलस्य, धोखा या बेईमानी करने वालों को शनि कठिन परीक्षाओं से गुजरवाता है।
शनि गोचर 2025 लोगों को अपने जीवन में नवीन दृष्टिकोण अपनाने, संयम रखने और आत्ममूल्यांकन का अवसर देगा।
Rashi-Wise Saturn Transit Effects: राशिवार शनि गोचर प्रभाव
Aries: मेष राशि
शनि का गोचर आपकी कुंडली के बारहवें भाव में हो रहा है। यह भाव व्यय, मोक्ष और विदेश से जुड़ा होता है। इस अवधि में आपके खर्चे बढ़ सकते हैं और मन में बेचैनी भी बनी रह सकती है। ध्यान और साधना के लिए यह समय अनुकूल रहेगा।
उपाय: शनिवार को काले तिल का दान करें और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप करें।
Taurus: वृषभ राशि
यह गोचर आपके ग्यारहवें भाव में हो रहा है जो लाभ, आय और मित्रों से जुड़ा होता है। यह गोचर आपके लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा। नई योजनाएं सफल होंगी, और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
उपाय: काली गाय को रोटी और गुड़ खिलाएं।
Gemini: मिथुन राशि
शनि का यह गोचर आपके दशम भाव, यानी करियर और कार्यस्थल से संबंधित है। यह समय कड़ी मेहनत और ईमानदारी से कार्य करने का है। प्रमोशन, ट्रांसफर या नौकरी में बदलाव के संकेत हैं।
उपाय: पीपल के पेड़ को जल चढ़ाएं और शनिदेव को सरसों तेल चढ़ाएं।
Cancer: कर्क राशि
यह गोचर आपकी कुंडली के नवम भाव में हो रहा है, जो भाग्य, धर्म और उच्च शिक्षा का भाव है। इस समय आपको आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर आकर्षण हो सकता है। भाग्य में कुछ कमी महसूस हो सकती है, लेकिन धैर्य रखने से सफलता मिलेगी।
उपाय: शनिवार को गरीबों को कंबल और अन्न दान करें।
Leo: सिंह राशि
शनि का गोचर आपके अष्टम भाव में होगा, जो जीवन में अचानक होने वाले परिवर्तनों से जुड़ा है। इस दौरान कुछ अनचाही परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां जरूरी होंगी।
उपाय: हनुमान जी की आराधना करें और शनिवार को काले वस्त्र पहनने से बचें।
Virgo: कन्या राशि
यह गोचर आपके सप्तम भाव, यानी विवाह और साझेदारी से संबंधित है। वैवाहिक जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। व्यापारिक साझेदारियों में भी स्पष्टता बनाए रखना जरूरी होगा।
उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और उड़द दाल का दान करें।
Libra: तुला राशि

शनि का गोचर षष्ठ भाव में हो रहा है, जो रोग, ऋण और शत्रुता से जुड़ा होता है। यह समय आपको रोगों से मुक्ति, कर्ज निपटान, और शत्रुओं पर विजय दिला सकता है, बशर्ते आप संयमित जीवन अपनाएं।
उपाय: शनिवार को शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं।
Scorpio: वृश्चिक राशि
शनि का यह गोचर आपके पंचम भाव में हो रहा है जो संतान, शिक्षा और प्रेम संबंधों से जुड़ा है। इस समय आपको बच्चों या प्रेम संबंधों को लेकर चिंता या चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय: शनिदेव के मंत्रों का जाप करें और शनिवार को काले चने का दान करें।
Sagittarius: धनु राशि
शनि का गोचर चतुर्थ भाव में हो रहा है, जो माँ, संपत्ति और मानसिक सुख से जुड़ा होता है। यह समय आपको घर से दूर कर सकता है या घर में अशांति का कारण बन सकता है।
उपाय: शनिवार को कौओं को रोटी और गुड़ खिलाएं।
Capricorn: मकर राशि
यह गोचर आपके तृतीय भाव में हो रहा है। यह समय आपके साहस, संवाद और भाइयों से संबंधों को प्रभावित करेगा। छोटे मोटे संघर्ष हो सकते हैं, लेकिन आत्मविश्वास बना रहेगा।
उपाय: शनि स्तोत्र का पाठ करें और लोहे के बर्तन का दान करें।
Aquarius: कुंभ राशि
शनि आपके द्वितीय भाव में आएगा। यह धन, परिवार और वाणी से जुड़ा है। आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, साथ ही पारिवारिक विवाद भी उत्पन्न हो सकते हैं।
उपाय: नीले वस्त्रों का दान करें और शनि मंदिर में दीया जलाएं।
Pisces: मीन राशि
शनि का गोचर प्रथम भाव में है। यह आपके स्वभाव, शरीर और सोच को प्रभावित करेगा। साढ़े साती की शुरुआत इसी राशि से होती है। मानसिक दबाव और कार्यक्षमता में उतार-चढ़ाव संभव है।
उपाय: शनिदेव की पूजा करें और “दशरथ कृत शनि स्तोत्र” का पाठ करें।
Sade Sati and Dhaiya: साढ़े साती और ढैय्या 2025
- साढ़े साती शुरू होगी: मीन राशि पर
- साढ़े साती समाप्त होगी: मकर राशि पर
- ढैय्या आरंभ होगी: कर्क और वृश्चिक राशि पर
- ढैय्या समाप्त होगी: मिथुन और तुला राशि पर
Remedies for Saturn: शनि दोष के उपाय

- हर शनिवार को व्रत रखें
- “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का 108 बार जाप करें
- सरसों के तेल, काले तिल, और लोहे का दान करें
- शनिदेव के मंदिर में दीपक जलाएं और न्यायप्रिय बनें
- हनुमान जी की आराधना करें
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FAQs: सामान्य प्रश्न
Q2. साढ़े साती किन राशियों पर होगी?
मीन राशि पर साढ़े साती शुरू होगी।
Q3. क्या उपाय करने से शनि की पीड़ा कम हो सकती है?
हाँ, शनि मंत्र जाप, दान, और सेवा से राहत मिलती है।
क्या शनि गोचर जीवन में अच्छे बदलाव भी ला सकता है?
बिल्कुल! यदि आप मेहनती और ईमानदार हैं तो शनि आपको स्थायी सफलता जरूर देगा।
Q5. क्या शनि गोचर हमेशा नकारात्मक होता है?
नहीं। शनि गोचर सकारात्मक या नकारात्मक दोनों हो सकता है – यह पूरी तरह से आपके कर्मों और कुंडली की स्थिति पर निर्भर करता है।
निष्कर्ष: Conclusion
saturn transit 2025 शनि गोचर 2025 एक ऐसा समय है जो हर राशि को कुछ नया सिखाने, परखने और आत्मनिर्भर बनाने वाला है। यह समय चुनौतियों के साथ अवसर भी लाएगा। अगर आप ईमानदारी से अपने कर्म करें, संयम और धैर्य बनाए रखें, तो शनि आपके जीवन में स्थायी सफलता और सम्मान का द्वार खोल देगा।
Disclaimer: अस्वीकरण
यह लेख वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों और सामान्य विश्वासों पर आधारित है। यहां दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक और मनोरंजन के उद्देश्य से है। किसी भी निर्णय या उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें। हम किसी भी दावे की जिम्मेदारी नहीं लेते।